मध्यप्रदेश में बाघों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश में बाघों का कुनबा निरंतर बढ़ रहा है

नई गणना में बाघों की संख्या 1000 से अधिक होने का अनुमान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
राज्य सरकार जनभागीदारी से प्रकृति और वन्य जीव संरक्षण के लिए संकल्पित है
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन प्रबंधन के लिए वन विभाग के प्रयासों को सराहा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को किया संबोधित
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों का किया सम्मान
सतपुड़ा की तितलियों पर केंद्रित पॉकेट बुकलेट का किया विमोचन
रातापानी और रानी दुर्गावती टाइगर रिजर्व के लोगो का हुआ विमोचन
पद्मडॉ. नारायण व्यास और पद्ममोहन नागर का हुआ सम्मान
सतपुड़ा में बाहरसिंगा के पुनर्वास पर केंद्रित लघु फिल्म का हुआ प्रदर्शन
स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बाघ संरक्षण पर केंद्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की

भोपाल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय संस्कृति में प्रकृति और सभी वन्यजीवों के प्रति उदारता की भाव समाहित है। हमारे देवी-देवताओं के वाहन भी अलग-अलग जीवों से जुड़ते हैं। जंगल का राजा बाघ शक्ति की देवी मां दुर्गा का वाहन है। प्रदेश में बाघ, चीता, घड़ियाल, हाथी और जंगली भैंसे सहित अन्य वन्यजीवों के संरक्षण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। इसी का परिणाम है कि प्रदेश में बाघों का कुनबा तेजी से बढ़ रहा है और मध्यप्रदेश को टाइगर स्टेट का दर्जा हासिल है। प्रदेश में 53 साल पहले बाघों की संख्या दहाई के आंकड़े में सिमटी हुई थी। वर्ष 2016 में बाघों की संख्या लगभग 250 हो गई। वर्ष 2022 की गणना में प्रदेश में 785 बाघ हो गए। अगले साल नई गणना में बाघों की संख्या 1000 से अधिक होने का अनुमान है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में मध्यप्रदेश में समृद्ध जैव विरासत का स्वर्णिम और सुगम काल निरंतर जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस पर आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम को कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में संबोधित कर रहे थे।

कान्हा क्षेत्र की घास प्रजातियों पर केन्द्रित पुस्तक का हुआ विमोचन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्जवलित कर राज्य स्तरीय कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने वन्य जीव संरक्षण गतिविधियों पर केंद्रित प्रदर्शनी का उद्घाटन कर अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्यजीव संरक्षण के लिये प्राप्त वाहनों का लोकार्पण भी किया। कार्यक्रम में स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने बाघ संरक्षण पर केंद्रित नृत्य नाटिका प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभागीय प्रकाशनों के अंतर्गत सतपुड़ा की तितलियों पर केन्द्रित पुस्तक फ्लटरिंग ज्वेल्स ऑफ सतपुड़ा, कान्हा क्षेत्र की घास प्रजातियों पर केन्द्रित पुस्तक, पिक्टोरियल हरबेरियम ऑफ कान्हा ग्रासेस, वन्यजीवन रेस्क्यू संकलन, बेस्ट प्रैक्टिसेस ऑफ वाईल्ड लाईफ कन्जर्वेंशन इन मध्यप्रदेश और बॉयोडायवर्सिटी ऑफ वाईल्ड मशरूम्स इन पेंच टाइगर रिजर्व आदि का विमोचन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रातापानी टाइगर रिजर्व और वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के लोगो का भी विमोचन किया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने एक जन-एक पत्ती अभियान में की भागीदारी

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सतपुड़ा टाइगर रिजर्व में बारहसिंघा को पुन: बसाने पर केन्द्रित वृत्त चित्र और कान्हा टाइगर रिजर्व में टाइगर रिवाइल्डिंग पर केन्द्रित वृत्त चित्रों के टीजर रिलीज किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य वन्य प्राणी बोर्ड के पद्मअवार्ड से सम्मानित सदस्यों डॉ. नारायण व्यास और मोहन नागर का अभिनन्दन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्य जीव सरंक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली वन सुरक्षा समितियों, ईको विकास समिति, ग्राम वन समिति और वन कर्मियों को पुरस्कार भी प्रदान किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व द्वारा जनभागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए आरंभ किए गए 'एक जन-एक पत्ती – जनभागीदारी, संरक्षण की शक्ति' अभियान में भाग लिया। इसके अंतर्गत उन्होंने पत्ती के आकार की छोटी-कच्ची सिरेमिक टाइल पर बाघ का चेहरा उकेरा। इस प्रकार की टाइल को पकाकर विभिन्न रंगों में विकसित किया जाता है। इन्हीं टाइलों से वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व के हिनोती पर्यटन द्वार को सजाया जाएगा। यह गतिविधि जनभागीदारी से वन और वन्य जीवन संरक्षण के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पेंच टाइगर रिजर्व के कलाकारों ने कढाईदार शॉल भेंट किया।

घड़ियाल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस और गुरु पूर्णिमा की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश बाघ संरक्षण के क्षेत्र में अपने सफल प्रयासों और अटूट प्रतिबद्धता के कारण देशभर में विशिष्ट पहचान रखता है। बाघ हमारे समृद्ध वनों, जैव विविधिता और पर्यावरणीय संतुलन के प्रतीक हैं। राज्य सरकार जनभागीदारी से प्रकृति और वन्यजीव संरक्षण के लिए संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंबल एशिया में सबसे स्वच्छ जल की नदी है। यहां घड़ियाल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। कूनो क्षेत्र की नदियों में भी घड़ियाल छोड़े गए हैं। मध्यप्रदेश में 100 वर्ष पहले विलुप्त हो चुके जंगली भैंसे का पुनर्वसाहट का काम सफलतापूर्वक किया गया है।

आधुनिक तकनीक और नवाचारी प्रयासों से हाथियों के संकट से मिली मुक्ति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दो वर्ष पहले तक हाथियों के कारण डरावने संदेश आते थे। वन विभाग ने आधुनिक तकनीक और नवाचारी प्रयासों से हाथियों के संकट से मुक्ति दिलवाई है। प्रदेश में बहुत जल्द गैंडे भी लाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश को समृद्ध जैव विविधता विरासत में मिली है। वन विभाग ने वन प्रबंधन में अपने अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ वन समितियों, स्थानीय ग्रामीणों को साथ जोड़कर प्रदेश को वन्य जीव संरक्षण में नई ऊंचाईयां प्रदान की हैं।

प्रदेश में प्रतिवर्ष आते हैं 28 लाख वन्य जीव पर्यटक

प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्यजीव श्रीमती समिता राजौरा ने कहा कि रुस में लिए गए संकल्प के बाद वर्ष 2011 से लगातार 29 जुलाई को अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस मनाया जा रहा है। बाघों के संरक्षण में मध्यप्रदेश का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। राज्य सरकार सभी वन्यजीवों के संरक्षण का प्रण लेकर आगे बढ़ रही है। प्रदेश में प्रतिवर्ष 28 लाख वन्य जीव पर्यटक आते हैं, जिनमें 1 लाख विदेशी भी शामिल होते हैं। प्रदेश के सभी 9 टाइगर रिजर्व्स में वर्तमान में बाघ संरक्षण से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। बाघ संरक्षण अभियान में वन समितियां और स्थानीय लोगों का भी विशेष योगदान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश बाघों के साथ सभी वन्य जीवों का संरक्षण हो रहा है। बाघ बचेंगे तो हमारे जंगल बचेंगे।

वन्य जीव संरक्षण में मध्यप्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन हो रहा है

प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख शुभरंजन सेन ने कहा कि मध्यप्रदेश टाइगर स्टेट है। प्रदेश में बाघ और वन्य प्राणियो के संरक्षण का गौरवशाली इतिहास है। मध्यप्रदेश अब चीता स्टेट और लैपर्ड स्टेट भी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नेतृत्व में वन्य जीवों के संरक्षण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। उन्होंने नए टाइगर रिजर्व की स्थापना और प्रदेश के इकलौते कंजर्वेशन रिजर्व का भी गठन किया है। वन्यजीव संरक्षण में मध्यप्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन हो रहा है। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव वन राघवेन्द्र सिंह, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी, वन समितियों के सदस्य तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी और वन और वन्य जीवों में रूचि रखने वाले उपस्थित थे। 

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