प्राइवेट स्कूलों पर सख्ती: 5 सदस्यीय जांच दल गठित, ड्रेस-कोर्स मनमानी पर रोक

दुर्ग.

जिले में संचालित निजी स्कूलों द्वारा मनमानी किए जाने का आरोप लगा है। जिला शिक्षा विभाग को विभिन्न माध्यमों से इसकी शिकायत प्राप्त हुई है। इसे संज्ञान में लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद मिश्रा ने पांच सदस्यीय जांच दल का गठन किया है। आरोप में कहा गया है कि कई निजी स्कूलों द्वारा गणवेश में परिवर्तन, पाठ्य पुस्तक को एक ही दुकान से क्रय करने बाध्य करना, पाठ्य पुस्तक बदलना सहित मनमाने ढंग से फीस वृद्धि की गई है।

इसे लेकर विभिन्न माध्यमों से प्राप्त निजी स्कूलों संबंधी शिकायतों पर जिला शिक्षा अधिकारी दुर्ग द्वारा कार्यवाही करते हुए सर्व नोडल प्राचार्यों, शासकीय हाईस्कूल / हायर सेकेण्डरी जिला दुर्ग को 7 अप्रैल 2026 को सभी अशासकीय विद्यालयों से प्रतिवेदन मांगा गया। प्रतिवेदन प्राप्त होने उपरांत शिकायतों का निराकरण करने समिति का गठन किया गया। जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा गठित पांच सदस्यीय जांच दल में जे. पी. पाण्डेय, प्राचार्य, सेजेस पाहुंदा पाटन, राजेन्द्र चन्द्राकर, व्याख्याता, सेजेस बोरसी दुर्ग, सुनील कश्यप, व्याख्याता, शा.उ.मा.वि. कन्या भिलाई 03 पाटन, संदेश पाण्डेय, व्याख्याता, सेजेस मर्रा पाटन, सुमीत नायडु, सहायक ग्रेड 02, शा.क.उ.मा.वि. वैशालीनगर, भिलाई शामिल है।

सर्व पालक निजी विद्यालय अपना साक्ष्य सहित बयान दर्ज कराने हेतु कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, दुर्ग में जांच समिति के 20 अप्रैल तक उपस्थित होने कहा गया है। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ बजरंग दल व जिला अध्यक्ष, भीम आर्मी भारत एकता मिशन छग को अपना पक्ष जांच समिति के समक्ष साक्ष्य सहित प्रस्तुत करने कहा गया है। इन्हें डीईओ कार्यालय में जांच समिति के समक्ष 18 अप्रैल को प्रातः 10 बजे से 12 बजे तक उपस्थित होने कहा गया है।

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