अखिलेश यादव के आरोपों पर बीजेपी नेताओं ने खोला मोर्चा

लखनऊ
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर योगी सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने तीखा पलटवार किया है। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित इस अवैध ढांचे को लेकर अखिलेश यादव के बयान को भाजपा नेताओं ने निंदनीय बताया।
कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने सहारनपुर मामले पर कहा कि प्रशासन ने माननीय न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया है। उन्होंने कहा कि अगर समाजवादी पार्टी वास्तव में इस मामले को लेकर गंभीर है और जनता को गुमराह नहीं कर रही है तो उसके नेताओं को न्यायालय जाना चाहिए और आदेश के खिलाफ अपील करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि केवल झूठ को आधार बनाकर जनता को गुमराह करने का प्रयास नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सपा 10 साल से सत्ता से बाहर है और उसकी परेशानी समझी जा सकती है, लेकिन ऐसे बयान नहीं देने चाहिए, जिन्हें जनता गंभीरता से लेना ही छोड़ दे। उन्होंने इसे विपक्ष की ओर से डाली जा रही एक गलत परिपाटी बताया।
अवैध मस्जिद के बहाने धार्मिक उन्माद फैलाने की कोशिश- भूपेंद्र चौधरी
कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी अवैध मस्जिद के बहाने धार्मिक उन्माद पैदा करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई किसी धार्मिक ढांचे के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकारी जमीन पर हुए अवैध निर्माण और अतिक्रमण के खिलाफ की गई है। प्रशासन ने यह कदम मनमाने तरीके से नहीं उठाया है। अदालत से आदेश की पुष्टि के बाद ही प्रशासन ने कानूनी कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी वोट बैंक की राजनीति के चलते अवैध अतिक्रमण का बचाव कर रही है और धार्मिक उन्माद पैदा करने की कोशिश कर रही है।
अखिलेश यादव गलत नैरेटिव गढ़ते हैं- बृजलाल
राज्यसभा सदस्य बृजलाल ने भी अखिलेश यादव के बयान पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव हमेशा गलत नैरेटिव गढ़ते हैं। सहारनपुर का संबंधित अवैध मस्जिद ढांचा सरकारी जमीन पर था और कार्रवाई प्रशासन के मनमाने आदेश से नहीं, बल्कि न्यायिक प्रक्रिया के तहत हुई। पहले मामला सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत में गया और उसके बाद न्यायिक अदालत में सुनवाई हुई। जिला जज की अदालत के निर्णय के बाद सरकारी जमीन पर बने ढांचे को हटाया गया। उन्होंने कहा कि जब कार्रवाई न्यायालय के आदेश के तहत हुई है तो अखिलेश यादव को इस मामले में लोगों को भ्रमित करने वाला नैरेटिव नहीं गढ़ना चाहिए।
असीम अरुण ने बुद्ध से जुड़े जिलों के नाम बदलने का उठाया मुद्दा
राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अखिलेश यादव के भगवान बुद्ध के प्रति प्रेम को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते भगवान बुद्ध से जुड़े जिलों के नाम बदले गए। उन्होंने कहा कि महामाया जी भगवान बुद्ध की माता थीं और उनके नाम पर बने महामाया नगर का नाम बदल दिया गया। इसी तरह पंचशील नगर और प्रबुद्ध नगर के नाम बदले जाने का भी उन्होंने जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज जब उत्तर प्रदेश की जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया है, तब उन्हें भगवान बुद्ध की याद आ रही है।
कलेक्ट्रेट परिसर की इमारत पूरी तरह अनाधिकृत थी- दिनेश सिंह
प्रदेश के मुख्य भाजपा प्रवक्ता दिनेश सिंह ने कहा कि सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी इमारत के मामले में प्रशासन ने न्यायालय के आदेश का अनुपालन किया है। उन्होंने अखिलेश यादव और विपक्ष पर मामले का राजनीतिकरण करने तथा धार्मिक उन्माद पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार है और किसी को भी धार्मिक उन्माद पैदा करने का अवसर नहीं दिया जाएगा।



