कोनेरू हम्पी का बड़ा फैसला: सुरक्षा कारणों से कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से हटीं, 10 लाख के जुर्माने का खतरा

भारत की दिग्गज खिलाड़ी कोनेरू हम्पी ने तय किया है कि वह साइप्रस में होने वाले कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं लेंगी. यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक को उनकी जगह शामिल किया गया है. हम्पी ने ईस्ट एशिया में जारी संघर्ष के चलते सुरक्षा कारणों से नाम वापस ले लिया. कई खिलाड़ियों के चिंता जाहिर करने के बावजूद भी चेस की अंतरराष्ट्रीय संस्था FIDE ने वेन्यू शिफ्ट करने से इनकार कर दिया था.

हम्पी ने नाम लिया वापस

दो बार महिला विश्व रैपिड चैम्पियन हम्पी को आयोजकों ने सुरक्षा को लेकर काफी आश्वासन दिया. लेकिन निजी सुरक्षा को लेकर चिंता का हवाला देते हुए हम्पी ने टूर्नामेंट से नाम वापस ले लिया. इस महीने की शुरुआत में साइप्रस में एक ब्रिटिश एयर बेस पर ड्रोन हमला हुआ था जिससे वहां ती सुरक्षा को लेकर सवाल उठ गए थे.

इससे पहले हम्पी ने एक्स पर जारी बयान में कहा ,

 "काफी सोचने के बाद मैंने फिडे महिला कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से बाहर रहने का मुश्किल फैसला किया है. कोई भी टूर्नामेंट , कितना भी बड़ा क्यों न हो, निजी सुरक्षा से बढ़कर नहीं हो सकता. तमाम आश्वासनों के बावजूद मुझे मौजूदा हालात में वहां जाना सुरक्षित नहीं लगता. यह दुखद है लेकिन जरूरी फैसला है".

हम्पी के इस  फैसले के लिए उन पर भारी भरकम जुर्माना लग सकता है. नियमों के मुताबिक कोई खिलाड़ी इस तरह कैंडिडेट्स टूर्नामेंट से हटता है तो उसे 10000 यूरो यानी लगभग 10 लाख रुपए का जुर्माना लगता है. हालांकि हम्पी का केस थोड़ा अलग है. फेडरेशन ने अब तक जुर्माने को लेकर फैसला नहीं किया है.

FIDE वेन्यू बदलने को तैयार नहीं

टूर्नामेंट के नियमों के अनुसार हम्पी की जगह महिला इवेंट्स सीरिज 2024-25 में अगला सर्वश्रेष्ठ स्थान पाने वाली खिलाड़ी को दी गई है जिसने अभी तक क्वालीफाई नहीं किया है. यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक यह टूर्नामेंट खेलेंगी.

शतरंज की वैश्विक संचालन संस्था फिडे के सीईओ एमिल सुतोवस्की ने इन चिंताओं को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि दूर-दूर तक भी ऐसा कुछ भी खतरनाक नहीं है. न ही वेन्यू बदलने की जरूरत है. सुतोवस्की ने कहा,

  हमारी योजनाएं नहीं बदली हैं. हम कैंडिडेट्स टूर्नामेंट की तैयारियों के अंतिम चरण में हैं. बेशक, हम स्थिति पर नजर रख रहे हैं. साइप्रस युद्ध क्षेत्र या संघर्ष क्षेत्र से बहुत दूर नहीं है. लेकिन साथ ही यह किसी भी तरह से सीधे तौर पर शामिल नहीं है और युद्ध की स्थिति में नहीं है.

हम्पी के नाम वापिस लेने से भारत की उम्मीदों को झटका लगा है. उनके अलावा आर प्रज्ञानानंदा (ओपन वर्ग), आर वैशाली ( महिला वर्ग) और विश्व कप विजेता दिव्या देशमुख ने इसके लिये क्वालीफाई किया है.

कैंडिडेट्स क्यों हैं अहम?

कैंडिडेट्स टूर्नामेंट शतरंज का अहम टूर्नामेंट है. इस टूर्नामेंट का विजेता वर्ल्ड चैंपियनशिप खेलता है और मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन को चुनौती देता है. कैंडिडेट्स टूर्नामेंट 28 मार्च से शुरू होने वाला है. वर्ल्ड चैंपियनशिप के पुरुष वर्ग का खिताब भारत के डी गुकेश जबकि महिला वर्ग का खिताब चीन की जू वेनजुन के पास है.

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