होर्मुज स्ट्रेट खोलने के लिए ईरान का अमेरिका को 48 घंटे का अल्टीमेटम, रखीं कई शर्तें

तेहरान
ईरान ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट खोलने का प्रस्ताव अमेरिका को दिया है। ईरान और कतर ने बातचीत के जरिए अमेरिका को शर्तें मानकर दो दिन के भीतर होर्मुज खोलने का ऑफर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि कतरी मध्यस्थों के साथ बातचीत के बाद तय किया गया है कि अगर अमेरिका तेहरान की शर्तें मान लेता है तो दो दिन में होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रेट ऑफ होर्मुज) को फिर से खोल दिया जाएगा। फिलहाल अमेरिका की ओर से इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। प्रपोजल पर डोनाल्ड ट्रंप को फैसला लेना है।

अल जजीरा के मुताबिक, अराघची ने बताया कि कतर के साथ चर्चा के बाद होर्मुज खोलने के लिए प्रस्तावित समय-सीमा को पांच से घटाकर दो दिन किया गया है। ईरानी वार्ताकारों ने शनिवार को दोहा में कतरी मध्यस्थों के साथ बातचीत की है। कतर में यह बातचीत शुक्रवार को तेहरान में ईरानी और कतरी प्रतिनिधियों के बीच 12 घंटे की चर्चा के बाद हुई है। इस दौरान वॉशिंगटन के साथ भी संपर्क रखा गया।

कतरी पक्ष ने ईरानी प्रस्ताव के कार्यान्वयन की अवधि को घटाकर पांच दिन करने का सुझाव दिया था। अब हम एक ऐसे प्रस्ताव पर पहुंच गए हैं, जिसमें इस अवधि को घटाकर दो दिन कर दिया गया है।

क्या हैं ईरान की शर्तें
तेहरान की मांगों के बारे में बताते हुए ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि इनमें इस्लामाबाद मेमोरेंडम के बाद लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना, क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों की संख्या कम करना, तेल छूट (ऑयल वेवर्स) को बहाल करना और ईरान के फ्रीज किए गए फंड को जारी करना शामिल है। हम तेल छूट की बहाली और अपने सभी फ्रीज किए गए फंड को जारी करने की मांग करते हैं, जिसमें कतर में मौजूद फंड भी शामिल हैं।

अराघची ने आगे कहा कि हमारी शर्तों में इस्लामाबाद मेमोरेंडम के बाद लगाए गए प्रतिबंधों को हटाना और क्षेत्र में अमेरिकी बलों की संख्या कम करना शामिल है। उन्होंने कहा, 'ईरान चाहता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में उन शिपिंग मार्गों को मान्यता दी जाए, जिन पर तेहरान ने ओमान के साथ चर्चा की थी। साथ ही अन्य मार्गों को बंद कर दिया जाए। हमारी शर्तों के अनुसार होर्मुज को फिर से खोलने से और वाशिंगटन के साथ लंबित मुद्दों पर बातचीत शुरू करने का रास्ता साफ हो जाएगा।'

ईरान का पीछे हटने से इनकार
ईरान का यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब वाशिंगटन और तेहरान के बीच बातचीत के संभावित ढांचे को लेकर राजनयिक स्तर पर चर्चा चल रही है। ईरान का जोर इस बात पर है कि शांति वार्ता शुरू होने और होर्मुज जलडमरूमध्य के फिर से खुलने से पहले अमेरिका को उसकी शर्तें माननी होंगी। ईरान अपने रुख पर अड़ा है तो अमेरिका ने फिर से हमले शुरू करने के संकेत दिए हैं।

ईरान के शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रजई ने इससे पहले होर्मुज खोलने के लिए ईरान की ओर से सात शर्तें अमेरिका की ओर से रखी थीं। उन्होंने कहा था कि ये शर्तें 'इस्लामाबाद वार्ता' के ढांचे से पूरी तरह अलग हैं। उनके अनुसार ये मांगे हैं-

    इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग टूटने के बाद लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटाना।
    क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को कम करना।
    MoU के तहत जून में दी गई तेल छूट (ऑयल वेवर्स) को फिर से बहाल करना।
    कतर में मौजूद फंड सहित ईरान के फ्रीज किए गए पैसों को जारी करना।
    ओमान के साथ बातचीत में तय होर्मुज स्ट्रेट के नए शिपिंग रूट को मान्यता देना।
    तय रूट क अलावा बाकी सभी रूटों को बंद करना
    सभी मोर्चों पर युद्धबंदी- खासकर लेबनान पर इजरायल के हमलों को रोकना।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button