सुखदेव भगत के बस्तर दौरे पर BJP का तंज, बोली- ‘देखते हैं कितना दमखम है’

रायपुर.

बस्तर में कांग्रेस प्रभारी सुखदेव भगत के दौरे को लेकर भाजपा मुखर है. सांसद और भाजपा प्रमुख प्रवक्ता संतोष पांडे ने एक तरह से चुनौती देने के अंदाज में कहते हैं कि भगत जी आएं, प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज, नेता प्रतिपक्ष चरणदास के साथ सिंहदेव का प्रशिक्षण करें. देखते हैं कितना दमखम है. देखते हैं नए प्रभारी कितना चलाते हैं.

वहीं, सुखदेव भगत के बस्तर दौरे से कांग्रेस को कुछ मिलने के सवाल पर संतोष पांडे ने कहा कि न सरगुजा में मिलेगा, न बस्तर में मिलेगा. छत्तीसगढ़ में विष्णुदेव साय की सरकार है. गुड गवर्नेंस में सबसे टॉप पर हैं. भगत जी छत्तीसगढ़ में घूम जाएं. कहीं कोई मुद्दा नहीं मिलने वाला है. कोई फायदा नहीं होगा.
वहीं सुखदेव भगत के दौरे पर कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में उनका स्वागत है. बस्तर में कांग्रेस की नब्ज टटोलने आ रहे हैं. कांग्रेस ने कभी बस्तर की चिंता नहीं की है. केवल राजनीति करने की दृष्टि से आते हैंं. जब सत्ता में होते हैं, तो उनका रवैया सौतेले भाई की तरह होता हैं. पक्षपात करते हैं. उनकी नीतियों की वजह से बस्तर नक्सलवाद से ग्रसित रहा. अब बस्तर में जाकर अपना नब्ज टटोलेंगे. बस्तर में पार्टी किस तरह से स्वागत करती है, या पार्टी देती है. ये देखना होगा.

वहीं, बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों में मुआवजा आवंटन पर पक्षपात के आरोप पर मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि सभी ग्रसित क्षेत्रों में आरबीसी 6-4 के तहत मुआवजा दिया जाएगा. कांग्रेस भ्रम फैलने की कोशिश ना करे. जब यहाँ मौत होती थी, तो पचास लाख देने की बात आई तो दिए नहीं, और यूपी जाकर करोड़ों रुपए देने की बात करते थे. यहाँ के जनता को लेकर कांग्रेस का कोई उद्देश्य नहीं है. कांग्रेस केवल भ्रम फैलाने का काम कर रही है. वनतारा के एक्सपर्ट्स के छत्तीसगढ़ आने पर वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि वनतारा में टेक्नोलॉजी का बेहतर उपयोग होता है. बहुत कुछ हेल्प ले रहे हैं. अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञ वनतारा में हैंं. जंगल सफारी में भी वन्य जीवों की वृद्धि हो रहा है. हमारे समूह के माध्यम से जू को अपडेट किया जा रहा है. पीएम मोदी ने उसका उद्घाटन किया था.

वहीं, धर्मांतरण पर आई रिपोर्ट के साथ जनजातीय जागरण मंच को लेकर केदार कश्यप ने कहा कि जो लोग आज बस्तर में राजनीति करना चाहते हैं, वो लोग कहाँ गए थे, जब आदिवासी अवैध धर्मांतरण के ख़िलाफ़ बैठक कर रहे थे. तब हमारे आदिवासी नेता को जेल भेजने का काम किया था. कांग्रेस ने हमेशा आदिवासी समाज को लोभ प्रलोभन से धर्मांतरण की कोशिश की. शिक्षा-स्वास्थ्य से वंचित रखा गया.

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