आगरा-मुंबई हाईवे होगा 60 फीट चौड़ा, 10 किमी हिस्से का होगा कायाकल्प; ट्रैफिक को मिलेगी बड़ी राहत

ग्वालियर
ग्वालियर शहर के सबसे व्यस्त और ट्रैफिक प्रभावित पश्चिमी क्षेत्र को जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। बेला की बावड़ी से कटीघाटी तक प्रस्तावित करीब 73 करोड़ रुपये की लागत वाले फोरलेन निर्माण का मामला अब अंतिम चरण में पहुंच गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा तैयार विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) शासन की स्टैंडर्ड फाइनेंस कमेटी (एसएफसी) में पहुंच चुका है, जहां इसकी तकनीकी और वित्तीय जांच की जा रही है। एसएफसी की मंजूरी के बाद परियोजना को प्रशासकीय स्वीकृति मिलेगी और तुरंत टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

पीडब्ल्यूडी ने परियोजना के लिए ट्रैफिक सर्वे, ड्राइंग और तकनीकी तैयारियां पहले ही पूरी कर ली हैं। विभाग के प्रभारी सहायक यंत्री ओ.एन. शर्मा ने बताया कि प्रस्ताव शासन स्तर पर विचाराधीन है। स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कराने की प्रक्रिया तेज कर दी जाएगी। सेवानिवृत्त कार्यपालन यंत्री, पीडब्ल्यूडी देवेंद्र भदौरिया ने बताया कि कटीघाटी से चौधरी ढाबा तक फोरलेन का एस्टीमेट उनके कार्यकाल में तैयार कर शासन को भेजा गया था। प्रस्ताव अब एसएफसी प्रक्रिया में है और अंतिम मंजूरी मिलते ही टेंडर जारी किए जाएंगे।
10 किलोमीटर सड़क होगी 60 फीट चौड़ी

पुराने आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग के इस 10 किलोमीटर लंबे हिस्से को मौजूदा टू-लेन से आधुनिक फोरलेन में विकसित किया जाएगा। पूरी सड़क की चौड़ाई 18 मीटर (करीब 60 फीट) होगी। कटीघाटी से गोल पहाडिया तक वर्तमान 7 मीटर चौड़ी सड़क को 18 मीटर किया जाएगा, जबकि गोल पहाड़िया से बेला की बावड़ी तक 6.8 किलोमीटर लंबे हिस्से को भी 10 मीटर से बढ़ाकर 18 मीटर चौड़ा किया जाएगा।

डिवाइडर, ड्रेनेज और पुलों का होगा चौड़ीकरण
फोरलेन में दोनों ओर 7-7 मीटर चौड़ी सड़क, बीच में एक मीटर का सेंट्रल डिवाइडर व दोनों तरफ डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़ा शोल्डर व पक्की ड्रेनेज व्यवस्था होगी। पुल-पुलियों के चौड़ीकरण भी शामिल हैं, जिससे बरसात में जलभराव व यातायात बाधित होने की समस्या कम होगी।

अतिक्रमण हटेंगे, जाम से मिलेगी स्थायी राहत
लक्ष्मीगंज सब्जी मंडी, संजय नगर और कटीघाटी क्षेत्र में वर्षों से हुए अतिर मण फोरलेन निर्माण में बाधा बने हुए हैं। विभाग नियमानुसार मुआवजा देकर सड़क की सीमा में आने वाले निर्माण हटाएगा। फोरलेन बनने के बाद भारी वाहनों को सुगम मार्ग मिलेगा और बेला की बावड़ी, गोल पहाड़िया, लक्ष्मीगंज तथा कटीघाटी क्षेत्र में रोजाना लगने वाले जाम और दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आने की उम्मीद है।

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