विंबलडन में सेरेना विलियम्स की वापसी, युवा खिलाड़ी माया जाइंट से रोमांचक मुकाबले में हार

रायटर
 चार साल के बाद विंबलडन टेनिस टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड एंट्री के साथ जब मंगलवार रात अमेरिका की दिग्गज सेरेना विलियम्स कोर्ट पर उतरीं तो सभी को उम्मीद थी कि वह 2004 में मार्टिना नवरातिलोवा के उसी तरह के इतिहास को दोहराएंगी, जब 47 वर्षीय मार्टिना ऑल इंग्लैंड क्लब में सिंगल्स मैच जीतने वाली सबसे उम्रदराज महिला बनी थीं।

लेकिन मर्टिना के बाद दूसरी सबसे उम्रदराज महिला के रूप में ऐसा करने से 44 वर्षीय सेरेना चूक गईं और ऑस्ट्रेलिया की 20 वर्षीय माया जाइंट आखिरकार 6-3, 6-7(6), 6-3 के आंकड़ों के साथ उन पर भारी पड़ीं।

हालांकि यह आंकड़े यह भी बयां कर रहे हैं कि उम्र के इस पड़ाव और खेल के अभ्यास में रही निरंतरता की कमी के बावजूद सेरेना ने उम्मीद से कहीं बढ़कर शानदार खेल दिखाया और यही कारण रहा कि मुकाबले के अंत तक उन्हें दर्शकों का वही भरपूर समर्थन मिलता रहा, जिसकी वह हकदार रही हैं।

20 साल की जाइंट का जन्म तब भी नहीं हुआ था जब सेरेना ने अपने 23 ग्रैंड स्लैम सिंगल्स खिताबों में से पहले सात खिताब जीत लिए थे। हालांकि माया ने इस सब बातों का ध्यान न रखते हुए और अपनी प्रतिद्वंद्वी की वापसी को लेकर मचे शोर-शराबे को भी नजरअंदाज करते हुए अपने शुरुआती करियर की सबसे यादगार जीत हासिल की।

माया पिछले 12 टूर्नामेंटों में सिर्फ एक मैच जीतकर सेंटर कोर्ट पर उतरी थीं, लेकिन जब वह बाहर निकलीं तो वह खेल की महान खिलाड़ियों में से एक को जबरदस्त शिकस्त देने की खुशी में डूबी हुई थीं और कह बैठीं कि यह बहुत अजीब और शानदार है। उन्होंने यह भी कहा कि सच कहूं तो मुझे नहीं पता कि अभी क्या हुआ पर मैं बचपन से ही इस पल का सपना देख रही थी।

वहीं सेरेना ने मैच कहा कि विंबलडन में वापस आना वाकई बहुत अच्छा था। मैंने कभी यहां आने की उम्मीद नहीं की थी। माहौल शानदार था। बाहर निकलना अद्भुत था। मैंने निश्चित रूप से इसका आनंद लिया, इसे याद किया और किसी भी चीज से ज्यादा इस पल का मजा लिया। सेरेनाने अपना आखिरी आल इंग्लैंड क्लब खिताब 10 साल पहले जीता था।

बहन वीनस और बेटियों ने बढ़ाया हौसला: मैच के लिए हेडफोन पहने हुए जब सेरेना कोर्ट पर पहुंचीं तो जबरदस्त शोर के साथ स्वागत कर रहे दर्शकों के बीच उनकी बड़ी बहन 46 वर्षीय दिग्गज वीनस विलियम्स भी खड़ी थीं। वह सेरेना की एंट्री पर हो रहे जश्न को रिकॉर्ड कर रही थीं। सेरेना की बेटियां ओलंपिया और अदिरा भी मंत्रमुग्ध होकर यह सब देख रही थीं। वहीं अमेरिका के ही महान खिलाड़ी जान मैकेनरो विलियम्स को फिर से खेलते हुए देखने के लिए बेताब थे।

संघर्षपूर्ण हार के साथ वावरिंका ने विंबलडन को कहा अलविदा
तीन बार के ग्रैंड स्लैम विजेता स्विटजरलैंड के स्टेन वावरिंका ने मंगलवार रात विंबलडन को अलविदा कह दिया। उन्हें इटली के माटेओ बेरेटिनी ने चार रोमांचक सेटों में 6-7 (7), 7-6(16), 7-6 (7), 7-6 (5) से हराया। पूर्व वर्ल्ड नंबर-3 वावरिंका इस सीजन के आखिर में रिटायर हो रहे हैं, लेकिन इससे पहले आल इंग्लैंड क्लब में उन्होंने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया।

हालांकि 4 घंटे 19 मिनट की लड़ाई के बाद बेरेटिनी उन पर एक बहुत मजबूत प्रतिद्वंद्वी साबित हुए। 41 साल और 106 दिन की उम्र में वावरिंका ड्रा में शामिल सबसे उम्रदराज़ पुरुष खिलाड़ी थे। यह उनका 19वां और आखिरी विंबलडन टूर्नामेंट था। टूर पर अपने आखिरी सीजन में वह अपनी पसंदीदा जगहों को अलविदा कह रहे हैं।

भावुक वावरिंका ने कहा कि आज रात फिर से एक जबरदस्त मुकाबला हुआ। जिस चीज से आप इतना प्यार करते हैं, उसे अलविदा कहना कभी आसान नहीं होता। मैं सभी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। इससे बेहतर विदाई की मैं कल्पना भी नहीं कर सकता था।

पहले दौरा के अन्य प्रमुख मुकाबलों के परिणाम
    पुरुष सिंगल्स में फ्रेंच ओपन के विजेता जर्मनी के अलेक्जेंडर ज्वेरेव ने बेल्जियम के अलेक्जेंडर ब्लाकक्स को 6-4, 6-7(8), 7-6(5), 7-6(0) से हराया।
    पुरुष सिंगल्स में चौथी वरीयता प्राप्त अमेरिका के बेन शेल्टन ने फिनलैंड के ओटो विरतानेन को 6-4, 3-6, 6-7(8), 6-2, 7-6 (11-9) से शिकस्त दी।
    महिला सिंगल्स में अमेरिका की अमांडा अनिसिमोवा ने उत्तरी मेसेडोनिया की लीना ग्योर्चेस्का को 61 मिनट में ही 6-3 6-2 से आसानी से हरा दिया।
    महिला सिंगल्स में इटली की जैस्मीन पाओलिनी ने अमेरिका की राबिन मोंटगोमरी को संघर्षपूर्ण मुकाबले में 0-6, 6-4, 7-5 से शिकस्त दी।

 

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