8th Pay Commission से कर्मचारियों की बल्ले-बल्ले! हेल्पर से सीनियर अफसर तक बढ़ सकती है इतनी सैलरी

नई दिल्ली

8वें वेतन आयोग के तहत कर्मचारी कई बड़ी मांग कर रहे हैं. खासकर बेसिक सैलरी, फिटमेंट फैटक्‍टर और महंगाई भत्ता को लेकर मांगे उठ रही हैं. अगर ये मांगे मान ली जाती हैं तो केंद्रीय कर्मचारियों की मौज हो सकती है, जिनकी सैलरी में भारी बढ़ोतरी हो सकती है। 

रेलवे कर्मचारियों की मांग
इस बीच, रेलवे के कर्मचारियों की ओर से मांग उठी है कि उनकी मिनिमम बेसिक सैलरी बढ़ाकर ₹52,000 कर दिया जाए. इसके साथ ही फिटमेंट फैक्‍टर 4.38 तक बढ़ाने, HRA में भारी इजाफा और पुरानी पेंशन योजना लागू करने जैसी मांगें रखी हैं। 

रेलवे की ये संस्‍था कर रही मांग
अगर रेवले कर्मचारियों की ये मांगे मान ली जाती हैं तो जूनियर इंजीनियर, सीनियर सेक्शन इंजीनियर, असिस्टेंट मैनेजर और दूसरे तकनीकी कर्मचारियों के लिए 8वां वेतन आयोग बड़ी खुशखबरी ला सकता है. यह मांग इंडियन रेलवे टेक्निकल सुपरवाइजर एसोसिएशन (IRTSA) की ओर से की गई है। 

अलग-अलग फिटमेंट फैक्‍टर की मांग
IRTSA संगठन ने अलग-अलग लेवल के कर्मचारियों के लिए अलग फिटमेंट फैक्टर का सुझाव दिया है. L-1 से L-5 के लिए 2.92, L-6 से L-8 के लिए 3.50, L-9 से L-12 के लिए 3.80, L-13 से L-16 के लिए 4.09 और L-17 और L-18 के लिए 4.38 फिटमेंट फैक्‍टर रखा गया है। 

कितनी बढ़ेगी सैलरी
अगर मांगे मान ली जाती हैं तो मिनिमम बेसिक सैलरी ₹52,000 होगी और अधिकमत करीब ₹9.85 लाख रुपये तक की सैलरी हो जाएगी। 

एचआरए में बढ़ोतरी की मांग
रेलवे कर्मचारी संगठन ने एचआरए में भी बढ़ोतरी का अनुमान लगाया है, जो बढ़कर 40 फीसदी तक हो सकता है. संगठन का कहना है कि बड़े शहरों में रहने का खर्च तेजी से बढ़ा है, इसलिए HRA में बढ़ोतरी जरूरी है। 

हाउस रेंट अलाउंस पर प्रस्ताव
IRTSA ने कहा है कि 5वें वेतन आयोग द्वारा निर्धारित उस सिद्धांत का पालन 8वें वेतन आयोग में भी किया जाना चाहिए, जिसके तहत 50% DA को मूल वेतन के साथ मिला दिया जाता है। कर्मचारी संगठन ने यह सिफारिश की है कि DA पर टैक्स की राहत मिलनी चाहिए। IRTSA ने 8वें वेतन आयोग के लिए हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की दरों में बढ़ोतरी का सुझाव दिया है। 7वें वेतन आयोग में HRA की दरें 8%, 16% और 24% थीं, जिन्हें 2024 में DA के 50% तक पहुंचने के बाद बढ़ाकर 10%, 20% और 30% कर दिया गया था।

अब इसे चार श्रेणियों में बांटने की मांग की गई है। 50 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों में 40 प्रतिशत HRA, 20 से 50 लाख आबादी वाले शहरों में 30 प्रतिशत, 5 से 20 लाख आबादी वाले शहरों में 20 प्रतिशत और 5 लाख से कम आबादी वाले शहरों में 10 प्रतिशत HRA देने की मांग रखी गई। इसके अलावा नाइट ड्यूटी अलाउंस की सीमा हटाने और ट्रांसपोर्ट अलाउंस को तीन गुना बढ़ाने का भी प्रस्ताव दिया गया।

करियर प्रगति को लेकर IRTSA ने मॉडिफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन (MACP) योजना में बड़ा बदलाव सुझाया। संगठन चाहता है कि कर्मचारियों को 30 साल की सेवा में पांच प्रमोशन मिलें। ये प्रमोशन 6, 12, 18, 24 और 30 वर्ष की सेवा पूरी होने पर दिए जाएं। साथ ही जूनियर इंजीनियर (JE), सीनियर सेक्शन इंजीनियर (SSE) और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की ट्रेनिंग अवधि को भी MACP के लिए सेवा अवधि में जोड़ा जाए।

वेतन विसंगतियों को दूर करने की मांग भी प्रमुख रही। IRTSA ने जूनियर इंजीनियरों को उनके अधीन काम करने वाले वरिष्ठ तकनीशियनों से अधिक ग्रेड पे देने, SSE के वेतन स्तर को बढ़ाने और तकनीकी कर्मचारियों के लिए अलग वेतन संरचना बनाने की मांग की। 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button