शुभेंदु अधिकारी बने बंगाल के नए CM, पीएम मोदी और NDA शासित राज्यों के CM रहे गवाह

कलकत्ता

 पश्चिम बंगाल की राजनीति ने शनिवार को रवींद्र जयंती पर नया इतिहास लिख दिया. कोलकाता के विशाल ब्रिगेड परेड ग्राउंड में पहली बार भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार ने शपथ ली. शुभेंदु अधिकारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा देश के अलग-अलग राज्यों के एनडीए सरकारों के मुखिया की मौजूदगी में पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. उनके शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए देश भर के नेता तो आये ही, बंगाल के कोने-कोने से आम लोग भी ब्रिगेड परेड ग्राउंड पहुंचे। शुभेंदु अधिकारी बंगाल में बीजेपी के पहले मुख्यमंत्री बन गए हैं। राज्यपाल आरएन रवि ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक कीर्तिनिया, निशीथ प्रमाणिक और क्षुदीराम टुड्डू ने मंत्री पद की शपथ ली है। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में कम से कम 20 राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बीजेपी के दिग्गज नेता पहुंचे हैं। बीजेपी ने भवानीपुर में ममता बनर्जी को हारने वाले दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी को विधायक दल का नेता चुना गया था। उन्होंने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा कल ही पेश कर दिया था। मशहूर ब्रिगेड परेड ग्राउंड ने भव्य शपथ ग्रहण समारोह की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही टीएमसी के 15 साल का शासन खत्म हो गया है और पहली बार बंगाल में बीजेपी का सियासी सूर्योदय हुआ है।

पहली बार लोक भवन के बाहर लोकतंत्र का उत्सव
आजादी के बाद यह पहली बार है, जब बंगाल की किसी सरकार का शपथ ग्रहण समारोह राजभवन (अब लोक भवन) के बंद कमरों से निकलकर खुले मैदान में आयोजित हो रहा है. बंगाली पंचांग के अनुसार, बैसाख के 25वें दिन पूरा राज्य रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती मना रहा है. इसी दौरान रवींद्र संगीत की धुन के बीच राज्यपाल आरएन रवि ने शुभेंदु अधिकारी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलायी. उनके साथ 5 मंत्रियों दिलीप घोष, अग्निमित्रा पॉल, अशोक किर्तनिया, खुदीराम टुडू और निशीथ प्रमाणिक को भी राज्यपाल ने शपथ दिलायी। 

ब्रिगेड परेड ग्राउंड में खुली जीप में पीएम मोदी, शुभेंदु और शमिक
अधिकारी के शपथ ग्रहण समारोह से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुली जीप में बंगाल के नये चीफ मिनिस्टर और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नये चीफ मिनिस्टर के साथ ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आये लोगों का अभिवादन स्वीकार किया. पीएम मोदी हाथ हिला रहे थे और शुभेंदु अधिकारी तालियां बजा रहे थे. थोड़ी देर बाद पीएम मोदी, शुभेंदु और शमिक जीप से उतरकर पैदल ही स्टेज की तरफ बढ़े. इस दौरान वह लोगों से मिलते रहे. कभी हाथ जोड़कर, तो कभी दोनों हाथ हिलाकर प्रधानमंत्री ने लोगों का अभिनंदन किया। 

 शहीद परिवारों को सम्मान
भाजपा ने राजनीतिक हिंसा में जान गंवाने वाले अपने 200 से अधिक कार्यकर्ताओं के परिजनों को विशेष रूप से आमंत्रित किया है. उनके बैठने के लिए मंच के पास अलग व्यवस्था की गयी थी. मैदान में आने वाले समर्थकों और मेहमानों के लिए बंगाल के पारंपरिक जायके ‘झालमुड़ी’ और ‘रसगुल्ले’ के स्टॉल लगाये गये थे। 

निशीथ प्रमाणिक ने ली मंत्रिपद की शपथ
माथाभांगा सीट से विधायक निशीथ प्रमाणिक ने मंत्री पद की शपथ ली है। उन्होंनेन राजनीति की शुरुआत टीएमसी से की थी और 2019 मेंबीजेपी में शामिल हुए थे। वह उत्तर बंगाल से आते हैं। वह केंद्र में राज्य मंत्री रह चुके हैं। वह कूचबेहार से सांसद थे।

क्षुदीराम टुड्डू बने मंत्री
क्षुदीराम टुड्डू ने मंत्री पद की शपथ ली है। वह बंगाल का आदिवासी चेहरा हैं। पेशे से शिक्षक हैं और सरकारी स्कूल में अध्यापन करते थे। वह रानीबांध से चुनकर आए हैं। उन्होंने संथाली भाषा में शपथ ली है।

अशोक कीर्तिनिया ने मंत्री पद की शपथ ली है।
 वह बनगांव उत्तर से विधायक हैं। वह मुतआ समुदाय के लिए ऐक्टिव रहते हैं। सामाजिक कार्यों में उनके योगदान को सराहा जाता है। वह लगातार दो बार विधायक बन चुके हैं। इस बार भी बनगांव से उन्हें जीत हासिल हुई है।

 अग्निमित्रा पॉल ने ली मंत्रिपद की शपथ
 अग्निमित्रा पॉल ने भी मंत्री पद की शपथ ली है। उन्हें भी उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा है। वह आसनसोल दक्षिण से विधायक हैं और 2019 में बीजेपी में शामिल हुई थीं। वह बंगाल में मजबूत महिला चेहरा हैं। वह फैशन डिजाइनर से नेता बनी हैं।

 दिलीप घोष बने मंत्री
दिलीप घोष ने मंत्री पद की शपथ ली है। जानकारों का कहना है कि उन्हें उपमुख्यमंत्री भी बनाया जा सकता है। वह लंबे समय से आरएसएस से जुड़े हैं और बंगाल में बीजेपी के अध्यक्ष रहे हैं। वह खड़गपुर सदर से विधायक हैं

ब्रिगेड परेड ग्राउंड की खास बातें

    900 एकड़ में फैला ‘कोलकाता लंग्स’ : ब्रिगेड परेड ग्राउंड का अपना एक गौरवशाली इतिहास है. इसे दुनिया के सबसे बड़े शहरी पार्कों में गिना जाता है। 

    सेना का प्रबंधन : लगभग 900 एकड़ में फैले इस विशाल मैदान का रखरखाव भारतीय सेना की पूर्वी कमान के हाथ में है। 

    क्रिकेट का जन्मस्थान : कहा जाता है कि भारत में सबसे पहले क्रिकेट के बैट-बॉल इसी मैदान पर चले थे, जहां इयोनिया और कोलकाता के बीच मैच हुआ था। 

    राजनीति का मक्का : 18वीं सदी में जंगलों को साफ कर बनाये गये इस मैदान में 7 लाख से भी अधिक लोगों की रैलियां हो चुकी हैं. माकपा, कांग्रेस, टीएमसी और अब भाजपा, सभी ने यहां से अपनी सांगठनिक ताकत का लोहा मनवाया है। 

सुरक्षा का अभेद्य किला ब्रिगेड परेड ग्राउंड
कोलकाता पुलिस ने सुरक्षा के लिए 4000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया था. पूरे मैदान में 1500 सीसीटीवी कैमरे और ड्रोन से नजर रखी जा रही थी. वीवीआईपी मेहमानों के लिए कार्यक्रम स्थल के पास ही अस्थायी हेलीपैड बनाया गया था. मैदान में उमड़ने वाली लाखों की भीड़ के लिए 100 से अधिक बड़ी एलईडी स्क्रीन लगायी गयी है, ताकि हर कोई इस पल को लाइव देख सके। 

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