ईडन गार्डन्स में केकेआर और पंजाब किंग्स की टक्कर, हार का सिलसिला तोड़ने उतरेंगे रहाणे के धुरंधर

नई दिल्ली
 आईपीएल 2026 के 12वें मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स की टीम आमने-सामने होंगी। ये मुकाबला ईडन गार्डन में खेला जाएगा। कोलकाता के लिए सीजन की शुरूआत अच्छी नहीं रही है और उन्हें लगातार दो मैचों में हार का सामना करना पड़ा है। ऐसे में अपने घर पर कोलकाता पहली जीत की तलाश में होगी।

दूसरी तरफ पंजाब ने लगातार दो मैचों में जीत हासिल की है और वे इसी लय को बरकरार रखना चाहेंगे। दोनों टीमों के बीच मैच ईडन गार्डन में खेला जाना है। इस मैदान पर बल्लेबाजों का बोलबाला होता है और जमकर रन बरसते हैं। हालांकि, केकेआर को लगातार दो हार मिली है और ऐसे में देखना होगा कि क्या इस बार पिच से गेंदबाजों को भी मदद मिलेगी?

कोलकाता के लिए गेंदबाजी सबसे बड़ी समस्या
अजिंक्य रहाणे की कप्तानी वाली कोलकाता के लिए गेंदबाजी सबसे बड़ी समस्या है। तेज गेंदबाज में किसी के पास अधिक अनुभव नहीं है। वैभव अरोड़ा और ब्लेसिंग मुजरबानी पेस बैट्री के अगुवाई करते हैं। तो वहीं उनके पास वरुण चक्रवर्ती और सुनील नरेन जैसे स्पिनर हैं, जो बल्लेबाजों के लिए काल साबित होते हैं। हालांकि, आईपीएल 2026 में केकेआर का ये ब्रह्मास्त्र पूरी तरह से फेल रहा है। चक्रवर्ती और नरेन दोनों ही फीके दिख रहे हैं और उनके खिलाफ बल्लेबाज जमकर रन बना रहे हैं।

पंजाब की शानदार फॉर्म
पिछले सीजन की उप-विजेता ने दिखाया है कि उन्होंने आईपीएल 2025 का फाइनल क्यों खेला था। वे भले ही जीत हासिल नहीं कर सके लेकिन आईपीएल-18 की फॉर्म को इस सीजन भी जारी रखा है। पंजाब ने अपने पहले मैच में गुजरात को हराया और फिर चेन्नई के खिलाफ 210 रनों का टारगेट आसानी से चेज किया। खराब फॉर्म से जूझ रही कोलकाता के लिए पीबीकेएस बड़ा खतरा साबित हो सकती है।

KKR vs PBKS मैच के लिए कैसी होगी ईडन गार्डन की पिच?
ईडन गार्डन की पिच पहले गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती थी। खासकर 2010 के समय, जब टीम की कप्तानी गौतम गंभीर कर रहे थे। हालांकि, समय के साथ इसमें बदलाव आया है और अब बल्लेबाजों के लिए इसे अनुकूल माना जाता है। यहां पर 200 रन बनना आम हो गया है और लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम के लिए ये पिच और भी बेहतर हो जाती है।

ईडन गार्डन के आंकड़े
ईडन गार्डन में अब तक आईपीएल के 101 मुकाबले खेले जा चुके हैं। इस दौरान पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने 43 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि चेज करने वाली टीम ने 57 मैच जीते हैं। तो वहीं एक मुकाबले का कोई नतीजा नहीं निकल सका है। यहां पर पहली पारी का औसत स्कोर 170 रन रहा है। इसके अलावा 262 रनों का लक्ष्य भी यहां पर चेज हुआ है।

 

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